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Friday, February 10, 2017

मोहिनी सी सूरत

एक प्यास थी मन में...
एक प्यारी सी उमंग थी...
कल्पना के फूलों पर...
एक मोहिनी सी सूरत थी...
देकर तुझे खुदा नें ...
सपनों को सच किया है...
उस

मोहिनी सी सूरत को...
तेरा हीं रूप दिया है...
फूलों में जैसे खुशबू...

दिखने से नहीं दिखती है...
ऐसा हीं प्यार मेरा ...

शब्दों में न ढला है....
बस ममता के एहसास से...
तन-मन मेरा खिला है...
जीवन में रंग ऐसा...

सिर्फ तू ने मुझे दिया है...
चाहत यही है मेरी...

दुनियाँ से जब जाऊँ मैं...
यह अनमोल साथ तेरा...

मरने तक पाऊँ मैं...!!!
I PROMISE 💝

2 comments:

  1. Behtreen nazm
    Eik maa ke mamtamayi ehsaas
    Lajawab aur sirf lajawab

    ReplyDelete
  2. Behtreen nazm
    Eik maa ke mamtamayi ehsaas
    Lajawab aur sirf lajawab

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